
" ना भेज मुझे धरती के घर ....."
रखना तू माँ बस मुझपे नज़र
मुझे कोख से अपनी दूर ना कर
तेरे अंग से रंग रंगी हूँ मैं
रख शाम सुबह बस मेरी ख़बर ....!
ख़ुश हूँ मैं माँ तेरे अंदर
ना भेज मुझे धरती के घर ........!!
क्या तूने कल अख़बार पढ़ा
क्या उम्र थी उस नन्ही की भला
जो देख ना पायी शैतां को
हर ओर से उसका जिस्म छिला
चुप हूँ मैं माँ तेरे अंदर
ना भेज मुझे धरती के घर ........!!
मेरे जन्म का वक़्त बढ़ा दे माँ
यहीं a b c d पढ़ा दे माँ
यहीं खेल खिलौने ला दे माँ
यहीं चलना मुझे सिखा दे माँ
जी लूँगी मैं तेरे अंदर
ना भेज मुझे धरती के घर ........!!
मेरी नींद में ख़ाब सजा दे माँ
मेरे नंगे पाँव छुपा दे माँ
मेरी आँख से आँच हटा दे माँ
मेरी रूह की लाज बचा ले माँ
ज़िन्दा हूँ मैं तेरे अंदर
ना भेज मुझे धरती के घर ........!!
ख़ुश हूँ मैं माँ तेरे अंदर
ना भेज मुझे धरती के घर ........!!
****** विक्रम चौधरी *******
awesome thought
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