" पता करो ....."
क्या है आदमी की ज़ात आज ये पता करो
क्या है इसके मर्ज़ का इलाज तुम पता करो
किसने घोल दीं रगों में रंजिशें पता करो
किसने डाल दीं दिलों पे बंदिशें पता करो
जिसने बात की अछूत की वो शख़्स कौन है
जिसने बाँट दी वजूद की नसें वो कौन है
है कौन इसके पीछे उसका नाम तो पता करो
क्या है ......................................................!!
क्यों आदमी ही आदमी की ठोकरों पे मौन है
छीना जिसने आदमी का हक़ वो शख़्स कौन है
किसने बाँट दीं गगन की बारिशें पता करो
किसने नौच ली लबों से मौसिक़ी पता करो
है कौन जिसका बिक गया ईमान ये पता करो
क्या है ...................................................... !!
चढ़ा है कौन तख़्त पे , है कौन वक़्त से गिरा
तू बड़ा के मैं बड़ा ये चल रहा है सिलसिला
चलाया किसने सिलसिला ये आज तुम पता करो
अगर हो तुम भी आदमी तो आज फैसला करो
है कौन जिसकी मर गयी है रूह तुम पता करो
क्या है आदमी की ज़ात आज ये पता करो
क्या है इसके मर्ज़ का इलाज तुम पता करो ...!!
"" विक्रम चौधरी ""




