तू बस हाँ कह देना
मुझे बाहों में भर लेना
कोई देख ना पाये हमको
मुझे दूर कहीं ले चलना ....
फिर देखना मेरे नैना गज़ब कर देंगे
रंग भर देंगे तुझमें मुझको रंग देंगे ....
धड़कन चुपचाप रहेगी कदम चल देंगे
लब खोल के अल्फ़ाज़ों को दिल पे रख देंगे ....!!
मैं चुपके चुपके हाथ के नीचे चाँद छुपाकर ले आऊँगी
तू हौले हौले तारों को छत पर ले आना
मैं धीमे धीमे उलझी सारी लट सुलझा कर आ जाऊँगी
तू टिप्पी टिप्पी बालों में जुगनू भर देना ....
तू बस हाथ पकड़ना मुझे उड़ चलने को कहना
फिर देखना मेरे नैना गज़ब कर देंगे
रंग भर देंगे तुझमें मुझको रंग देंगे .................!!
मैं तिनका तिनका ख़ाब की बातें हार बना कर पहनाऊँगी
तू मुट्ठी भर क़िस्सों को सारी रात सुनाना
मैं आँखें मीचे दूर कहानी के रस्ते पर खो जाऊँगी
तू साँस की डोर से खींच के मुझको वापस लाना ....!!
मैं फिर शाख़ बनूँगी तू पत्तों सा जुड़ जाना
मैं एक झील बनूँगी तू कश्ती सा बल खाना
मैं एहसास बुनूँगी तू लम्हों को लहराना
मैं शुरुआत करूँगी तू आख़िर तक ले जाना ....
फिर देखना मेरे नैना गज़ब कर देंगे
रंग भर देंगे तुझमें मुझको रंग देंगे ...........................!!
"" विक्रम चौधरी ""

No comments:
Post a Comment