
" गड़बड़ घोटाला ...."
टेंशन में ईमान है भैया
फ़ैशन में बेईमानी ...
ट्रैफ़िक में है गोल रुपैया
मुश्क़िल में ज़िन्दगानी ...
तनख्वाह को पेट्रोल खा गया
टैक्स ने ठगी जवानी ....!!
गड़बड़ घोटाला ...२ ... २ ...
अनपढ़ की गुल्लक में पड़ गया
पढ़े लिखों का ताला ...
गड़बड़ घोटाला ...२ ... २ ...
अब सींग नहीं हैं शैतां के
ना सूरत का वो काला
नाम है सुन्दर नेता के
2g और कैग हवाला
अब तो उजली खाल में मिलता
गुंडा भोला भाला ...
गड़बड़ घोटाला ...२ ... २ ...
पेंशन कोरी ख़ाक है भैया
भूखी [है] बूढ़ी नानी
हर लड़की पे रेप का पहिया
चढ़ के करे सलामी
रिश्वत का बाज़ार छा गया
ओढ़ के चूनर धानी ...
गड़बड़ घोटाला ...२ ... २ ...
अनपढ़ की गुल्लक में पड़ गया
पढ़े लिखों का ताला ...
गड़बड़ घोटाला ...२ ... २ ...
" विक्रम चौधरी "
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